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दिसंबर की रात

इस हफ़्ते समय का अभाव रहा, इसलिये ढाका का नया भाग नहीं लिख सका, तो एक पुरानी घटना का वर्णन कर रहा हुं। जल्दी ही ढाका के आगे के भाग प्रस्तुत करूंगा। 
सुधीर



दिसंबर की रात
दिसंबर का महीना और कंप-कंपाती रात में हम लोग अपने मित्र के बडे भाई के विवाह समारोह के सामूहिक भोज (रिस्सेपसन पार्टी से) वापस लौट रहे थे। मोटर साईकल मैं चला रहा था और मेरा छोटा भाई, निर्मल, पीछे बैठा हुआ था। यद्यपि मैं कई बार मोटर साईकल को गिरा चुका था पर निर्मल कभी भी मेरे चलाने पर विरोध नहीं करता, बडे भाई होने के कुछ फ़ायदों में से यह एक था। जब तक आप विवाह समारोह में होते हैं और चारों तरफ़ चहल पहल, हल्ले–गुल्ले और  भीड-भाड के बीच समय का पता नहीं चलता है। एक बार जैसे ही बारात दूल्हन के घर पहुंची और खाना शुरु हुआ कि नहीं भीड छंटनी शुरु हो जाती है। बात भी सही है, एक तो बारात हमेशा देर से ही पहुंचती है उपर से हम, हम क्या ज्यादातर लोग,  तो घर से बिना कुछ खाये ही निकलते हैं कि भाई विवाह में भी तो कुछ खाना है, जब पैसे दे रहे हैं तो खाना भी जम के खाना चाहिये।
तो साब!  बारात पहुंची नहीं कि बच्चे, बुढ्ढे और जवान सभी खाने पर ऐसे टूट…

ढाका भाग 3

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पिछले भाग पढ़ें 


ढाका भाग 1

ढाका भाग 2

पतंगबाजी में हुयी हार ढाका के लिये एक नयी चुनौती क्योंकि ढाका में जिद्दीपन था, जीवट था, कभी हार ना मानने का। जिस बात को एक बार ढाका सोच लेता उसे तो हर कीमत पर उसें पूरा करना होता था। एक बार जो उसने हमारे क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ पतंगबाज लालू हराने की ठान ली तो ठान ली। अब तो चाहे कुछ भी करना पडे, साम, दाम, दंड, या फ़िर भेद, बस लालू को हराना था। विजय के मार्ग में ढाका का नौसीखिया पतंगबाज होना उतनी बडी समस्या नहीं थी, जितना कि लालू का सबसे ज्यादा अनुभवी पतंगबाज होना थी। लेकिन कहते हैं ना कि आवश्यकता आविष्कार की जननी होती है। ढाका ने भी एक नयी तरकीब खोज निकाली थी। अगली शाम को जब हम मिले तो ढाका का चेहरे मुस्कान और आत्मविश्वास से भरा हुआ लगा। मैने पूछा,

पेंच करेगा क्या आज?

बेटे, आज तो लालू की कन्नी कटेगी। देखियो आज ढाका डान क्या करता हैगा। 

(कन्नी विशेष प्रकार से बांधी गयी वह गांठ होती है जो मांझे और पतंग को आपस में जोडती है। पतंग की कन्नी, पतंगबाजी में एक कमजोर स्थान होता है, क्योंकि कन्नी सामान्यत: सद्दी [साधारण डोर] से बांधी जाती है। जबकि पेंच लडाने के किय…