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Showing posts from July, 2013

डंडा कब बाजेगा?

एक धोबी था, और उसके पास एक कुत्ता और गधा था. धोबी प्रतिदिन गधे की पीठ में कपडे रखकर नदी किनारे ले जाता और धो कर वापस गधे की पीठ में रखकर वापस लाता. कुत्ते का काम धोबी की अनुपस्थिति में घर की रखवाली करना था.
एक शाम जब धोबी घर में आराम कर रहा था, तो बाहर कुत्ता और गधा आपस में बातकर रहे थे. गधा बोला कि यार कुत्ते! मैं तो अपने काम से तंग आ गया हूँ. प्रतिदिन कपडे ढो-ढो कर मेरी कमर टेढ़ी हो गयी है, एक दिन का भी आराम नहीं है. मन तो करता है कि कहीं दूर भाग जाऊं, और वहां जाकर दिन-रात बस सोता रहूँ. भाई! तेरा काम कितना अच्छा है, तू तो रोज घर में ही रहता है, तेरे मजे हैं यार.
यह सुनकर कुत्ता तोड़ा सा अचकचाया, और बोला कि, अबे गधे! दिन भर रस्सी से बंधा रहता हूँ, ना कहीं आ सकता हूँ ना कहीं जा सकता हूँ. ऊपर से हर आने-जाने वाले पर भौंकना पड़ता है. आस-पड़ोस के बच्चे आकर पत्त्थर अलग मारते हैं. अगल-बगल के सारे फालतू कुत्ते मिलकर, यहाँ-वहाँ घूमकर कितने मजे लेते हैं, और मेरी जवानी घर के इस कोने में बीत रही है. मन तो मेरा करता है कि किसी को भी पकड़ के फाड़ डालूँ.
गधा बोला, अरे कुत्ता भाई! क्रोधित क्यों होते …

कंप्यूटर को हिन्दी में कैसे लिखेंगे

मैंने मच्छरु से पूछा कि वह अपने जीवन में क्या बनने का सपना देखता है?

मच्छरु ने अपनी टूटी-फूटी, मिश्रित हिन्दी-अंग्रजी में उत्तर दिया कि, ‘’मुझे कुछ नहीं बनना है’’.

मुझे लगा की शायद मच्छरु मेरा प्रश्न सही से समझ नहीं पाया हो, तो मैंने फिर से पूछा कि जैसे कुछ बच्चे भविष्य में इंजिनियर, तो कुछ डाक्टर, कुछ अध्यापक, या फिर कुछ खिलाड़ी बनना चाहते हैं. ठीक उसी प्रकार तू क्या बनना चाहता है?

मैं कुछ नहीं बनना चाहता हूँ.

परन्तु क्यों?

क्योकिं मुझे पसंद नहीं है.

तो तुझे क्या पसंद है?

मैं एक सेमसंग गैलेक्सी एस थ्री (Samsung Galaxy S3) खरीदना चाहता हूँ, और एक टीवीएस अपाचे (TVS Apache) मोटरसाईकिल खरीदना चाहता हूँ.

अरे मच्छरु, ये तो ठीक है, परन्तु इसके अतिरिक्त जीवन में क्या चाहता है?

कुछ नहीं.क्यों, पढ़ाई पूरी करने के बाद तू अपने पिताजी के साथ दुबई नहीं जाना चाहता है?

जाऊंगा, परन्तु घूमने, काम करने नहीं, बस दो तीन महीने के लिये.

अच्छा, एक बात बता की तेरा नाम मच्छरु क्यों है? मच्छरु का मतलब तो मच्छर (mosquito) होता होगा ना?